
आरक्षण हटाने का एक और खेल।
सन् 2018 में योगीजी द्वारा 65000 शिक्षकों की भर्ती में शुरु किए गये इस खेल को अब हर परीक्षा में अपनाया जा रहा है। ताकि अनारक्षित की कुछ सीटें खाली रखकर आपकी अधिकांश या सभी सीटों को खाली रखा जा सके, और अगली भर्ती में उन सभी को 50-50 करके अनरक्षित वर्ग को लाभ पहुचाया जा सके।उदाहरण: 65000 शिक्षक भर्ती में लगभग 29000 सीटें खाली रखी गयी। अब 65000 मे से अनारक्षित वर्ग की 33000 हजार सीटों में से मात्र 2477 सीटें जान-बूझकर खाली रखी गयी ताकि SC/ST/OBC की लगभग 26500 सीटें खाली रखी जा सकें। और अगली भर्ती मे इन सीटों को समायोजित करके फिर से 50-50 कर लिया गया। इस तरह से अनारक्षित वर्ग को 2477 के बदले लगभग 13250 सीटें आरक्षण में बिना किसी हस्तक्षेप और फेरबदल किए ही हासिल हो गयी। और अनारक्षित वर्ग को लगभग 10000 सीटों का शुद्ध फायदा मिल गया। और 65000 शिक्षक भर्ती में एक भी आरक्षित सीट को अनारक्षित अभ्यर्थी से भर देते तो पूरे देश में बवाल मच जाता, पर देखिए कि योगी सरकार ने कितनी चालाकी से योग्य अभ्यर्थी ना मिलने का हवाला देकर आपकी सीटें हड़प लीं। हालांकि ब्राम्हण बुद्धि का यह खेल बहुत पुराना है, पर यह खेल पहले सिर्फ बड़ी नौकरियों के लिए खेला जाता था जैसे प्रोफेसर, नियंत्रक, महालेखापरीक्षक, मंत्रालय सचिव आदि में। लेकिन अब यह खेल छोटी नौकरियों में भी शुरु हो गया है। आप सोंचिए कि जब लगभग हर एक साक्षात्कार वाली भर्तियों में अनारक्षित वर्ग को कम मेरिट पर बुलाया जा रहा हो और SC/ST/OBC की मेरिट उनसे अधिक हो तो कोई कैसे यकीन करे कि योग्य अभ्यर्थी ही नहीं मिले। चाहे UPHESC, UPPSC, NEET या अन्य कोई भर्ती हो, आप सभी में देख सकते हैं कि अनारक्षित वर्ग की कालिंग मेरिट SC/ST/OBC से कम ही रहती है।योगीजी ऐसा खेल खेलेंगे तभी तो रामराज्य का सपना साकार होगा।