
ईडी मामले मे सुप्रीम कोर्ट ने मात्र एक सप्ताह के भीतर चिदम्बरम की गिरफ्तारी पर तीसरी बार रोक लगा दी।
सीबीआई मामला चुँकि सीबीआई अदालत में हैं, अतः वहाँ जमानत पर फैसले से सुप्रीम कोर्ट ने इंकार कर दिया।
अब समझे क्यों सीबीआई चिदम्बरम को किसी भी कीमत पर गिरफ्तार करना चाह रही थी।
और क्यों चिदम्बरम हर हाल में बचना चाहते थे।
सीबीआई चाहती थी मामला सीधे सुप्रीम कोर्ट न पहुंचे, बल्कि सीबीआई अदालत पहुंचे। इसलिये गिरफ्तारी जरूरी थी। ताकि जमानत का प्रारंभिक अधिकार सीबीआई अदालत के पास रहे।
चिदम्बरम किसी भी हालत में पहले सुप्रीम कोर्ट मे सुनवाई चाहते थे। क्यों बताने की आवश्यकता नही हैं।
यदि चिदम्बरम की गिरफ्तारी नही होती, तो सुप्रीम कोर्ट चिदम्बरम की सीबीआई गिरफ्तारी पर भी पिछले शुक्रवार ही रोक लगा देता जैसे ईडी मामले मे लगा रहा हैं।
कुछ लोग सुबह से लहालोट हुये जा रहे हैं, सुप्रीम कोर्ट ने चिदम्बरम को जमानत नही दी। जबकि सुप्रीम कोर्ट ने अपने अधिकार क्षेत्र के मामले मे चिदम्बरम को राहत दी हैं।
राजनीति की बिसात मे शह-मात का खेल समझना इतना आसान नही।
राकेश गुहा जी की पोस्ट