चुपचाप वर्ग हर काम करता है चुपचाप- मनोज यादव(RVCP)

चुपचाप वर्ग

अपने समाज मे एक वर्ग पैदा हो रहा है, चुपचाप वर्ग।।
जो हर काम चुपचाप करता है।।
जाति प्रमाणपत्र बनाया, वो भी चुपचाप।।

स्कूल कॉलेज में
आरक्षण से दाखिल लिया, चुपचाप।।

पूरी शिक्षा के दौरान , छात्रवृत्ति हजम कर गया चुपचाप।।

आरक्षण से सरकारी नौकरियों में अप्लाई कीया, एक दम चुपचाप।।

आरक्षण से नौकरी ली, वो भी चुपचाप।।

हजारो-लाखो की तनख्वाह को निगल रहा है, चुपचाप।।

समाज के सारे लाभ लिए,घर बसाया एक दम चुपचाप।।

वैसे तो लोगो मे शानोशौकत बहुत है, समाज को देने के नाम से एक दम चुपचाप।।।

आनेवाली पीढियो को ज्ञान दिया कि चुपचाप रहो, सब हजम करते रहो।।।

समाज का सत्यानाश करने वाले ये चुपचाप लोग, समाज के दीमक है जो सब कुछ चुपचाप खोखला कर रहे है, समाज का सबकुछ खा कर एक दम चुपचाप है।।। ऐसे लोग पर धिक्कार है, जो सिर्फ समाज की खाना जानते है, देना कुछ नही।।

ये चुपचाप लोग स्वार्थ से परिपूर्ण होते है, जो समाज के कभी हुए नही ।
अपने परिवार को भी चुपचाप तबाह करके, चुपचाप कही चले जाते है।।।

Published by Cow

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